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परीक्षाओं में कदाचार मुक्त माहौल: बिहार की बड़ी तैयारी!

इंटरमीडिएट और माध्यमिक परीक्षा 2025 के लिए बिहार में स्वच्छ वातावरण में परीक्षा संचालन हेतु प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन, कदाचार मुक्त परीक्षा की तैयारी।

इंटरमीडिएट सैद्धांतिक परीक्षा, 2025 एवं वार्षिक माध्यमिक परीक्षा, 2025 को स्वच्छ वातावरण में संचालन हेतु आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला

दरभंगा, 17 जनवरी, 2025: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के क्षेत्रीय कार्यालय दरभंगा द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला में आगामी इंटरमीडिएट सैद्धांतिक परीक्षा 2025 और वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2025 के संचालन को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। यह कार्यशाला यह सुनिश्चित करने के लिए आयोजित की गई थी कि परीक्षा शांतिपूर्ण, कदाचार मुक्त और स्वच्छ वातावरण में संचालित हो।

प्रमुख तिथियाँ और समय

  • इंटरमीडिएट सैद्धांतिक परीक्षा: 01 फरवरी से 15 फरवरी 2025
  • वार्षिक माध्यमिक परीक्षा: 17 फरवरी से 25 फरवरी 2025

कार्यशाला का उद्देश्य

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर कदाचार मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना था। इसमें प्रशिक्षकों ने सभी परीक्षा केंद्रों के प्रमुखों को विभिन्न परीक्षा संबंधी कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से Examination App (Android) के उपयोग के लिए था, जो परीक्षा संचालन के दौरान छात्रों की अनुपस्थिति, निष्कासन और प्रवेश पत्र में सुधार करने के लिए उपयोग किया जाएगा।

कार्यशाला में शामिल जिलें

  • मधुबनी जिले के 74 परीक्षा केंद्रों के प्रमुख
  • दरभंगा जिले के 66 परीक्षा केंद्रों के प्रमुख
  • समस्तीपुर जिले के 78 परीक्षा केंद्रों के प्रमुख

इन सभी केंद्रों के केंद्राध्यक्ष, उप केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष और प्राधिकृत प्रतिनिधियों को कार्यशाला में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था।

कार्यशाला का आयोजन

प्रशिक्षण कार्यशाला की दो पालियों में व्यवस्था की गई थी:

  • प्रथम पाली: पूर्वाह्न 11:00 बजे से 01:00 बजे तक (मधुबनी जिले के केंद्रों के लिए)
  • द्वितीय पाली: अपराह्न 02:00 बजे से 04:00 बजे तक (दरभंगा और समस्तीपुर जिले के केंद्रों के लिए)

प्रशिक्षण देने वाले विशेषज्ञ

प्रशिक्षण कार्यशाला में उप सचिव डॉ. के.पी. महतो, श्री जमशेद आलम (क्षेत्रीय कार्यालय बिहार विद्यालय परीक्षा समिति), और मास्टर ट्रेनर श्री छोटे लाल साह ने प्रमुख रूप से प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन किया।

उप सचिव डॉ. के.पी. महतो ने परीक्षा संचालन के संबंध में सभी निर्देश दिए और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कि परीक्षा केंद्रों पर सभी कार्य शुद्धता और पारदर्शिता से किए जाएं।

आगामी कार्यशाला

18 जनवरी 2025 को आयोजित होने वाली कार्यशाला में सभी परीक्षा केंद्रों पर Examination App (Android) के प्रयोग के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें प्रशिक्षकों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए निम्नलिखित विवरण दिए गए हैं:

  • प्रथम पाली: मधुबनी जिले के कंप्यूटर प्रशिक्षकों के लिए 11:00 बजे से 01:00 बजे तक
  • द्वितीय पाली: दरभंगा और समस्तीपुर जिले के कंप्यूटर प्रशिक्षकों के लिए 02:00 बजे से 04:00 बजे तक

यह कार्यशाला परीक्षा संचालन को सुव्यवस्थित और सरल बनाने के लिए आयोजित की जा रही है।

Examination App का महत्व

इस वर्ष, परीक्षा के संचालन में Examination App (Android Mobile) का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। इसके माध्यम से केंद्राध्यक्षों और अन्य संबंधित कर्मियों को परीक्षार्थियों की अनुपस्थिति, प्रवेश पत्र में संशोधन, निष्कासन, और अन्य तकनीकी कार्यों को सही और प्रभावी तरीके से किया जाएगा।

Examination App के फायदे:

  • सटीक डेटा: छात्रों की अनुपस्थिति और प्रवेश पत्र के बारे में सही जानकारी।
  • स्वच्छता और पारदर्शिता: सभी कार्य पारदर्शी तरीके से किए जाएंगे।
  • स्मार्टफोन द्वारा नियंत्रण: मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से सभी कार्यों का संचालन।

आगामी परीक्षा के लिए तैयारी

सभी परीक्षा केंद्रों पर आगामी इंटरमीडिएट और माध्यमिक परीक्षा-2025 के संचालन के लिए पूरी तैयारी की जा रही है। निम्नलिखित उपाय किए गए हैं:

  • परीक्षार्थियों की सूची का सत्यापन
  • उम्मीदवारों के प्रवेश पत्र की जांच
  • सभी परीक्षा केंद्रों पर स्वच्छता बनाए रखना
  • कदाचार मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना

उप सचिव डॉ. के.पी. महतो ने इस संबंध में कहा, “हम सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षा का संचालन शांति से हो और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।”

समापन

यह कार्यशाला इंटरमीडिएट सैद्धांतिक परीक्षा 2025 और वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2025 के शांतिपूर्ण संचालन के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। सभी केंद्राध्यक्ष और परीक्षा से जुड़े कर्मी अब पूरी तरह से तैयार हैं ताकि परीक्षा का संचालन व्यवस्थित और कदाचार मुक्त हो सके।

यह आयोजन न केवल शिक्षा क्षेत्र के अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था, बल्कि छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए भी एक राहत की बात है, क्योंकि अब उन्हें यह विश्वास होगा कि आगामी परीक्षाएं एक स्वच्छ और पारदर्शी माहौल में होंगी।

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Sitesh Choudhary

चढ़ते हुए सूरज की परस्तिश नहीं करता, लेकिन, गिरती हुई दीवारों का हमदर्द हूँ।
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